Description
श्रीचैतन्य चरितामृत भगवान् श्रीकृष्ण चैतन्य के जीवन एवं उपदेशों पर एक प्रामाणिक ग्रंथ है, जो कि एक दार्शनिक, संत, आध्यात्मिक गुरु एवं योगी की भूमिका निभा रहे दिव्य अवतार थे। उन्होंने भारत में सोलहवीं शताब्दी में महान् सामाजिक एवं धार्मिक सुधार के आंदोलन का प्रवर्तन किया था। उनकी शिक्षाएँ सर्वोच्च दार्शनिक एवं आध्यात्मिक सत्य का समावेश करती हैं और इनसे आज तक असंख्य दार्शनिक एवं धार्मिक व्यक्ति प्रभावित हुए हैं। मूल बंगाली पाठ का यह भाषांतर उसके तात्पर्य के साथ श्री श्रीमद् ए. सी. भक्तिवेदान्त स्वामी प्रभुपाद (ऊपर का चित्र देखें) का कार्य है, जो कि विश्व की प्राचीन संस्कृति एवं विचारधारा के गुरु हैं और सुप्रसिद्ध भगवद्गीता यथारूप के लेखक हैं। श्रीचैतन्य चरितामृत का यह भाषांतर वर्तमान समय के मनुष्यों के बौद्धिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक जीवन के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान प्रस्तुत करता है।

Reviews
There are no reviews yet.