Mukundamala Stotra: Raja Kulashekhar Ki Stutiyan (मुकुन्दमाला स्तोत्र: राजा कुलशेखर की स्तुतियाँ)

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Description

राजा कुलशेखर द्वारा रचित मुकुन्दमाला स्तोत्र सैकड़ों काव्यमय संस्कृत स्तोत्रों में से सर्वाधिक प्रसिद्ध सदाबहार स्तोत्र है। कुछ लोगों का कहना है कि इसके रचयिता ने भगवान् कृष्ण की प्रसन्नता हेतु श्लोकों की माला के रूप में इसकी संकल्पना की थी। राजा कुलशेखर भगवान् विष्णु की दिव्य प्रियतमा, श्री लक्ष्मी के द्वारा प्रस्थापित वैष्णव सम्प्रदाय, श्री सम्प्रदाय से जुड़े थे। राजा कुलशेखर केरल अथवा मलैनाडु के चेरवंश के शासक थे। उन्हें भगवान् कृष्ण का तेजोमय तथा सुस्पष्ट दर्शन हुआ। यद्यपि मुकुन्दमाला स्तोत्र उत्कृष्ट संस्कृत में रचा गया है, किन्तु यह कृष्ण के प्रति राजा कुलशेखर की सहज भक्ति तथा अन्य सभी के साथ अपने सौभाग्य को बांटने की उत्सुकता को दर्शाता है।

Additional information

Weight 0.163 g
Author

A.C. Bhaktivedanta Swami Prabhupada and his disciples

Publisher

Bhaktivedanta Book Trust (BBT)

Language

Hindi

Publication Year
ISBN

9.79E+12

Number of Pages

184

Format

Paperback

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