Description
यह संदर्भ पुस्तक वैदिक ज्ञान भंडार (भगवद्गीता, श्रीमद्भागवतम्, श्रीचैतन्य चरितामृत और अन्य – आध्यात्मिक रचनाओं) के युगांतरकारी रत्नों से चुने गए श्लोकों का एक संकलन है। इस पुस्तक में मूल संस्कृत पाठ, रोमन लिप्यांतरण, अंग्रेजी समानार्थी शब्द और देवतुल्य कृपालु ए. सी. भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद द्वारा किए गए अनुवाद उपस्थित हैं। ये श्लोक कलियुग रूपी इस अंधकारमय वन में अपने प्रकाश से आध्यात्मिक पथ को प्रकाशित करने वाली मशाल प्रदान करते हैं। इन सशक्त श्लोकों का जाप करने वाले व्यक्ति का चित्त भक्ति से परिपूर्ण होकर स्थिर और शांत हो जाता है।

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