Shrila Prabhupad Leelamrit (2 Bhag) (श्रील प्रभुपाद लीलामृत (२ भाग))

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Description

भाग 1 – जब हम हरे कृष्ण मंत्र की शरण ग्रहण करते हैं और पवित्र नाम को प्रार्थना करते हैं कि हमारी रक्षा करें, तब हम सारी घटनाओं से अप्रभावित हो जाते हैं। कृष्ण हमें काम करने की सारी सुविधाएं प्रदान करेंगे। इस बात पर निश्चिंत रहें कि भक्तों की रक्षा पवित्र नाम के द्वारा की जाएगी। जिस प्रकार समुद्र में हर समय पर खतरा होता है, किंतु यदि हम भगवान कृष्ण के चरणकमल रूपी नौका का सहारा लेते हैं, तो खतरों से भरा यह महान सागर एक छोटे गड्ढे जैसा हानिरहित बन जाता है। भगवान के पवित्र नाम का मात्र कीर्तन करने से हम ऐसे सैकड़ों गड्ढे पार कर सकते हैं। – श्रील प्रभुपाद द्वारा विभिन्न भक्तों को लिखे गए पत्रों में से– भाग 2 – अब मेरी आपसे जो एक प्रार्थना है, वह यह है कि आप कृष्णभानामृत को जीवन में अपनाकर पूर्णतया सुखी बनें और आप निश्चित रूप से यह जान सकते हैं कि इस प्रकार आप मेरे साथ भगवान के धाम को वापस आ सकते हैं। हमें यह अच्छी तरह जानना चाहिए कि कृष्ण कोई गरीब व्यक्ति नहीं हैं और वे हमें किसी भी समय कितनी भी संपत्ति दे सकते हैं। वे केवल इसी बात की प्रतीक्षा कर रहे हैं कि हम उनकी इच्छा के अनुसार उस संपत्ति का उपयोग करने जा रहे हैं या नहीं। अतः हम जितना अधिक धन उनकी सेवा में खर्च करेंगे, उतना ही अधिक वे हमें देंगे। – श्रील प्रभुपाद द्वारा विभिन्न भक्तों को लिखे गए पत्रों में से–

Additional information

Weight 3 g
Author

Satsvarupa Dasa Goswami

Publisher

Bhaktivedanta Book Trust (BBT)

Language

Hindi

Publication Year
ISBN

9.79E+12

Number of Pages

2250

Format

Soft Cover

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