Hare Krishna Chunauti: Digbhramit Sabhyata Ka Pardafash (हरे कृष्ण चुनौती: दिग्भ्रमित सभ्यता का पर्दाफाश)

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Description

यह पुस्तक इस्कॉन के संस्थापकाचार्य श्रील प्रभुपाद के साथ बातचीत के रूप में निबंधों का संग्रह है। श्रील प्रभुपाद पुनर्जन्म, अनियंत्रित यौन, गोहत्या, मांस-भक्षण, आत्मा का अस्तित्व, समाज का सुधार, वैज्ञानिक प्रगति आदि विषयों पर वैदिक दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हैं। श्रील प्रभुपाद की शिक्षा तथा उनका जीवन यह प्रदर्शित करते हैं कि प्राचीन वेदों का संदेश किसी भी तरह पुराना नहीं हो गया है, किंतु यह आधुनिक काल में भी सभी लोगों के लिए सुसंगत है।

Additional information

Weight 0.111 g
Author

A.C. Bhaktivedanta Swami Prabhupada

Publisher

Bhaktivedanta Book Trust (BBT)

Language

Hindi

Publication Year
ISBN

9.79E+12

Number of Pages

160

Format

Paperback

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