Description
भगवान् श्रीकृष्ण का हमारे लिए एक संदेश है – हम यह शरीर नहीं हैं, हम आध्यात्मिक चेतन जीव हैं। शुद्ध आध्यात्मिक जीवन में जाति, रंग या स्त्री-पुरुष इत्यादि पदों का कोई महत्व नहीं है। ऐसे शुद्ध आध्यात्मिक जीवन से पूरी दुनिया में वास्तविक एकता और शांति प्राप्त की जा सकती है। इस समझ के बिना, हम जो सुख की खोज कर रहे हैं, वह हमारी पहुँच से दूर है। द्वितीय विश्वयुद्ध के कुछ देर बाद लिखी गई इस पुस्तक में बताया गया है कि, किस प्रकार से भगवान् केंद्रित समाज शांति से रह सकता है।

Reviews
There are no reviews yet.